जब खुद की गलती का ठीकरा दूसरों पर फोड़ा – सर्विस डेस्क की एक मज़ेदार कहानी
ऑफिस में काम करते हुए सबसे ज्यादा जिस चीज़ से पाला पड़ता है, वो है – "गलतियाँ"! अब भाई, इंसान हैं, मशीन तो नहीं कि कभी गलती ही न हो। लेकिन मज़ा तो तब आता है जब कोई अपनी गलती मानने की बजाय उसे दूसरों के सिर मढ़ देता है। आज की कहानी ऐसी ही एक अजीबो-गरीब कॉल सेंटर घटना की है, जो हँसी भी दिलाती है और थोड़ी सीख भी।