जब 'प्यारी' बदला बन गया 'बिल्ली महोत्सव': एक अनोखी बदले की कहानी
कहते हैं—"जैसा करोगे, वैसा भरोगे!" लेकिन कभी-कभी बदला इतना 'मासूम' होता है कि उसका असर छोटी सी चिंगारी से पूरे मोहल्ले में आग ला देता है। आज की कहानी एक ऐसी ही महिला की है, जिसने अपने ज़िन्दगी के सबसे मुश्किल दौर में एक छोटा सा बदला लेने की सोची थी, लेकिन उसकी योजना ने पूरे मोहल्ले को 'बिल्ली महोत्सव' में बदल दिया!