ग्राहक की याददाश्त और दुकानदार की मजबूरी: एक हास्यास्पद अनुभव
दुकानों में काम करने वालों की ज़िंदगी बड़ी दिलचस्प होती है। हर दिन कोई न कोई ऐसी घटना हो जाती है, जो या तो हँसा देती है या सिर पकड़ने पर मजबूर कर देती है। हम सबने कभी न कभी दुकानदार से बहस की होगी, कभी डिस्काउंट माँगा होगा, तो कभी कूपन की बात की होगी। लेकिन जब ग्राहक को खुद नहीं पता कि उसे क्या चाहिए, तो दुकानदार की हालत क्या होती होगी, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है।