हर गुरुवार को आने वाला ‘चीज़ वाला अंकल’ – लेकिन कभी खरीदी नहीं!
किराना दुकान में काम करने वालों की ज़िंदगी में हर दिन कुछ नया देखने को मिलता है। ग्राहक बड़े ही दिलचस्प होते हैं – कोई सब्ज़ी छाँटता है, कोई दाल में छूट देखता है, तो कोई नए बिस्कुट के पैकेट पर लाइन लगाए खड़ा रहता है। लेकिन सोचिए, अगर कोई ग्राहक हर हफ्ते, एक ही समय पर आए, और पूरा वक्त दुकान के सबसे महंगे सेक्शन – यानि चीज़ वाले हिस्से – में ही खड़ा रहे, लेकिन कभी कुछ खरीदे ही नहीं, तब क्या हो? ऐसी ही एक दिलचस्प कहानी है ‘चीज़ वाले अंकल’ की, जो अब हमारे दिलो-दिमाग़ में घर बना चुके हैं।