जब सफाई बन गई सज़ा: एक अंतहीन चक्कर, मैनेजमेंट की मूर्खता और कर्मचारियों की मजबूरी
कभी-कभी ऑफिस में ऐसे-ऐसे नियम बन जाते हैं कि दिल करता है सिर पीट लें। ऊपर से अगर बॉस MBA हो और खुद को अकल का ठेकेदार समझे, तो कर्मचारियों की शामत आना तय है। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है – जहां एक इवेंट सेंटर के कर्मचारियों को मैनेजमेंट की 'महान' योजनाओं का शिकार होना पड़ा, और सफाई उनके लिए सज़ा बन गई।