बस से उतरने का संघर्ष: जब भीड़ ने रास्ता रोका, जवाब मिला मज़ेदार ताने में
अगर आपने कभी दिल्ली, मुंबई या किसी बड़े शहर में लोकल बस या मेट्रो पकड़ी है, तो यह कहानी आपके दिल के बहुत करीब लगेगी। जरा सोचिए—आप अपनी मंज़िल पर पहुँच चुके हैं, बस के दरवाज़े के पास खड़े हैं, बाहर निकलने का इंतज़ार कर रहे हैं। लेकिन जैसे ही दरवाज़ा खुलता है, बाहर खड़ी भीड़ ऐसे टूट पड़ती है जैसे दुकान में ताज़ा समोसे आ गए हों! न उतरने की जगह मिलती है, न चढ़ने वालों को कोई फिकर कि अंदर पहले किसी को बाहर निकलने देना भी जरूरी है।