जब 'अस्बेस्टस' बना कर्मचारी का सबसे बड़ा हथियार: एक ऑफिस ड्रामा
क्या आपने कभी सोचा है कि ऑफिस की राजनीति में सबसे बड़ा हथियार क्या हो सकता है? कोई सोचता है जुगाड़, तो कोई मानता है चमचागिरी। लेकिन आज की कहानी में असली हीरो है – ‘अस्बेस्टस’! जी हाँ, वही खतरनाक अस्बेस्टस, जिससे हमें बचने की सलाह दी जाती है, किसी ने उसे ही अपने फायदे के लिए हथियार बना लिया। यह कहानी है एक ऐसे कर्मचारी की, जिसने अपने बॉस की चालाकियों और दफ्तर की राजनीति से तंग आकर ‘मालिशियस कॉम्प्लायंस’ यानी खीझ में नियमों का सख्ती से पालन करके कंपनी को ही चूना लगा दिया।