जब स्पीकरफोन पर मच गया रेस्टोरेंट में बवाल: एक छोटी सी बदला कहानी
हम सबने कभी न कभी किसी बस, ट्रेन या रेस्टोरेंट में बैठे-बैठे ऐसे लोगों को देखा है जो मोबाइल स्पीकरफोन पर धाँय-धाँय बातें कर रहे होते हैं, जैसे पूरा माहौल उन्हीं के परिवार का ड्राइंग रूम हो। ऐसे में मन करता है कि कोई उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दे! आज की कहानी कुछ ऐसी ही है, जिसमें दो आम ऑफिस के सहकर्मी ने एक अजनबी की स्पीकरफोन वाली बदतमीजी पर ऐसा जवाब दिया कि हर कोई हँसते-हँसते लोटपोट हो गया।