जब पड़ोसी बनीं 'कंट्रोल की महारानी' और नए पड़ोसी ने सिखाया शांति का असली मतलब
शहरों में रहने का अपना ही अनुभव होता है, और जब बंगलों से अपार्टमेंट या कोंडो में शिफ्ट होते हैं तो कई बार लगता है जैसे परिवार छोटा हो गया और पड़ोस बड़ा! लेकिन असली मज़ा तो तब आता है जब पड़ोसी का स्वभाव 'मित्रवत' कम और 'मालिकाना' ज्यादा हो। ऐसी ही एक मज़ेदार, लेकिन सीख देने वाली कहानी है अमेरिका के एक कोंडो की, जहां 'बारबरा aunty' का राज चलता था—कम से कम जब तक नए पड़ोसी नहीं आए!