होटल की शिफ्टों में उलझा प्यार: जब नींद और नाता दोनों छूटने लगें
"कौन कहता है कि प्यार में दूरी नहीं आ सकती? कभी-कभी ये दूरी कोई तीसरा नहीं, बल्कि हमारी नौकरी ही ला देती है। खासकर जब आप होटल या अस्पताल जैसी जगहों पर शिफ्टों में काम करते हों! सोचिए, जब आपकी नींद, आपका खाना, और आपके अपने—सब शेड्यूल के हिसाब से चलने लगें, तो ज़िंदगी कैसी हो जाती होगी?
आज हम एक ऐसी ही कहानी लाए हैं, जो होटल इंडस्ट्री में काम करने वाले हर शख्स को अपनी सी लगेगी—और शायद उनके पार्टनर को भी! प्यार, काम और थकान की इस 'त्रिकोणीय' जंग में जीत किसकी होती है, आइए जानते हैं।"