होटल में टॉयलेट जाम और एक हिचकिचाहट — जब हिम्मत ने मुस्कान ला दी!
कभी-कभी छुट्टियों की सबसे अच्छी कहानियाँ वहीं से शुरू होती हैं जहाँ हम सबसे ज़्यादा घबराए होते हैं। सोचिए, आप अपने बच्चों के साथ लंबी यात्रा के बाद होटल में चेक-इन करते हैं — सब कुछ बढ़िया चल रहा है, लेकिन अचानक सुबह-सुबह आपका बड़ा बेटा आपको उठा देता है: “मम्मी, टॉयलेट जाम हो गया!” अब बताइए, ऐसी स्थिति में क्या करें?
हम भारतीयों को वैसे भी छोटी-छोटी बातों पर दूसरों को परेशान करना अच्छा नहीं लगता। “कहीं सामने वाले को बुरा न लग जाए, कहीं बेवजह तंग न कर दूँ”— यही सोचते-सोचते अक्सर हम अपनी परेशानी खुद ही झेल लेते हैं। लेकिन इस बार कहानी कुछ अलग थी।