जब भाई की साइकिल के पुर्जे खोलकर सिखाया जिम्मेदारी का सबक
भाई-बहनों की नोकझोंक तो हर घर की कहानी है। लेकिन जब बात जिम्मेदारी सिखाने की आती है, तो कुछ बड़े भाई-बहन ऐसे तरीके अपनाते हैं कि किस्से बन जाते हैं। आज हम एक ऐसे ही मज़ेदार और थोड़े-से ‘कड़क’ बदले की दास्तान सुनाने जा रहे हैं, जिसमें एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई को उसका साइकिल गैराज में रखने का सबक सिखाया—but, वो भी देसी अंदाज़ में!