बदतमीज़ी की सफाई: जब करेन की खिड़कियाँ छह महीने तक गंदी रहीं
कहते हैं ना, “जैसी करनी, वैसी भरनी।” हमारे मोहल्ले में भी कई बार ऐसा देखने को मिलता है, जब कोई अपनी अकड़ और घमंड में दूसरों को छोटा समझकर बात करता है, तो ज़िंदगी उसे ऐसा सबक सिखा देती है कि उसका घमंड चूर-चूर हो जाता है। आज हम आपको ऐसी ही एक दुकान वाली की कहानी सुनाने जा रहे हैं, जिसने बदतमीज़ी का जवाब इतने चुपके से दिया कि सामने वाले को महीनों तक समझ ही नहीं आया—आख़िर उसके साथ हुआ क्या!