जब 'कंपयूएसए' में मैनेजर की चलाकी पर भारी पड़ा कर्मचारी का जुगाड़
क्या आपने कभी ऐसी नौकरी की है जहाँ ऊपरवाले बस टारगेट, सेल्स, और “अतिरिक्त बिक्री” की रट लगाए रहते हैं? आप चाहे जितनी मेहनत करो, गलती हमेशा आपकी ही निकलती है! ऐसी ही एक कहानी है ‘कंपयूएसए’ नाम की अमेरिकन इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान की, जिसमें एक हिंदी फिल्म जैसा ट्विस्ट आया – और वहीं से शुरू हुआ असली मज़ा।
साल था 2004, कंपयूएसए की ब्रांच में फ्रंट एंड मैनेजर बने हमारे कहानी के हीरो। दुकान में कंप्यूटर, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, और क्या-क्या नहीं बिकता था। उनका काम था कैशियर, सुरक्षा गार्ड और बाकी स्टाफ को सँभालना। लेकिन जब ऊपरवाले मैनेजरों की मीटिंग में उनके तरीके पर सवाल उठे, तो सबने उन्हें घेर लिया – जैसे स्कूल में क्लास टीचर के सामने एक सीधा बच्चा फँस जाए!