सर्विस एनिमल्स बनाम इमोशनल सपोर्ट एनिमल्स: होटल की रिसेप्शन डेस्क से मजेदार किस्से
अरे भई, होटल की रिसेप्शन डेस्क कोई शांति का मंदिर नहीं है! यहाँ हर दिन नए-नए मेहमान, तरह-तरह की फरमाइशें और कभी-कभी ऐसे मेहमान भी आते हैं जिनके साथ उनके प्यारे जानवर भी होते हैं। अब जानवर भी दो तरह के – एक जो सच में किसी जरूरतमंद का सहारा हैं (Service Animals), और दूसरे जो सिर्फ दिल बहलाने के लिए साथ लाए जाते हैं (Emotional Support Animals)।
लेकिन भाई, असली और नकली की पहचान करना यहाँ किसी CID वाले का काम लगता है!