ऑफिस की राजनीति और HR: जब कर्मचारी ने कंपनी को उसकी ही चाल में फँसा दिया
दोस्तों, आज की कहानी उन सभी लोगों के लिए है, जो ऑफिस की राजनीति और HR की असलियत से दो-चार हो चुके हैं। आपने अक्सर सुना होगा – "HR तो हमेशा कंपनी का ही साथ देता है, कर्मचारी की भलाई किसे चाहिए?" लेकिन जब बात मानसिक स्वास्थ्य की हो, तब ये खेल और भी दिलचस्प हो जाता है।
मान लीजिए, आप बरसों से एक कंपनी में मेहनत कर रहे हैं, हर संकट झेल रहे हैं, और जब आपको मदद की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है, तब आपका साथ देने वाला कोई नहीं मिलता। ऐसे में क्या किया जाए? आज की कहानी पढ़ेंगे तो शायद आपको भी अपने ऑफिस के किस्से याद आ जाएँ!