केविन की चालाकी पर भारी पड़ी देसी जुगाड़ – फैक्ट्री में मिली छोटी-सी बदला कहानी
कहते हैं ना, “चालाकी से चालाकी काटी जाती है।” अक्सर हम सोचते हैं कि बहस या लड़ाई ही किसी को चुप कराने का सबसे असरदार तरीका है, लेकिन असली मज़ा तो तब है जब सामने वाला अपनी ही चाल में फँस जाए। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसमें एक घमंडी सहकर्मी को उसकी अकड़ के साथ-साथ उसकी भोली समझदारी का भी मज़ेदार जवाब मिला।
ये किस्सा एक फैक्ट्री का है, जहाँ केविन नाम का एक लड़का अपनी जुबान और घमंड दोनों के लिए मशहूर था। लेकिन, हमारे आज के नायक ने बिना हाथ उठाए, उसे सबक सिखा दिया – और वो भी हिंदी फिल्मों के विलन की तरह, पूरा मास्टरप्लान बनाकर!