शोर का जवाब शोर से: हॉस्टल में जब प्रॉक्टर ने RA को उनकी ही भाषा में जवाब दिया
कॉलेज का हॉस्टल... यहाँ हर कमरे के बाहर एक अलग कहानी चलती रहती है। कोई पढ़ाई में मग्न तो कोई दोस्ती-यारी में मशगूल। लेकिन जब पड़ोसी कमरे से लगातार हंसी-ठहाके और शोरगुल की आवाज़ें आती रहें, तो पढ़ाई में मन लगाना किसी तपस्या से कम नहीं। ऐसे में अगर आप सीधे-सपाट बोलने से बचते हों, तो क्या करेंगे? आज की कहानी कुछ ऐसी ही है—जहाँ एक प्रॉक्टर ने RA (रिज़िडेंट असिस्टेंट) के शोर का जवाब उन्हीं के अंदाज़ में दिया।