होटल में खेल समूहों की मनमानी: जब बच्चों की मस्ती बन गई सिरदर्द
होटल में काम करने वालों की ज़िंदगी बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, अंदर से उतनी ही चुनौतीपूर्ण होती है। खासकर जब होटल में खेल टीमों के समूह आ जाएं — ऊपर से माता-पिता भी 'जिम्मेदार' बनकर बच्चों को खुला मैदान बना दें, तब तो मानो आफत ही आ जाती है। ऐसी ही एक मज़ेदार और झल्लाहट भरी कहानी हाल ही में एक होटल कर्मचारी ने साझा की, जिसे पढ़कर शायद आपको भी अपने मोहल्ले की शादी-समारोह की याद आ जाए!