जब छात्र ने ज़िद की अकेले प्रोजेक्ट करने की, और मिली ज़िंदगी की सबसे बड़ी सीख
हम सभी ने कभी न कभी ऐसा कोई छात्र या सहकर्मी देखा है, जिसे लगता है कि उसे सब कुछ आता है, दूसरों की ज़रूरत ही नहीं है। स्कूल या कॉलेज की ग्रुप असाइनमेंट्स में तो ऐसे लोग अक्सर मिल ही जाते हैं – "मुझे तो अकेले ही करना है, टीम वर्क मेरे बस की बात नहीं!" आज की ये कहानी ऐसे ही एक छात्र की है, जिसने अपनी ज़िद और घमंड में खुद को ऐसी परेशानी में डाल लिया, जिसकी उसे ज़रा भी उम्मीद नहीं थी।