छह महीने तक रोज़ 200 बार जोड़-घटाना: Excel की गलती या हमारी आदतें?
ऑफिस की ज़िंदगी में कई बार छोटी-छोटी तकनीकी गड़बड़ियाँ हमें बड़े झंझट में डाल देती हैं। कभी-कभी तो हम इतने आदी हो जाते हैं अपनी परेशानियों के कि असली समाधान हमें दिखता ही नहीं। आज की कहानी है एक ऐसी महिला की, जिन्होंने छह महीने तक रोज़ 200 पंक्तियों के एक एक्सेल शीट में हर फॉर्मूला खुद कागज़ी कैलकुलेटर से निकालकर डाला – वो भी सिर्फ दो सेटिंग गलत हो जाने के कारण!
सोचिए, हमारे दफ्तरों में ऐसे कितने 'जुगाड़ू' लोग हैं, जो बिना शिकायत किए हर मुश्किल को अपनी मेहनत से हल कर देते हैं। लेकिन इस कहानी में छुपा है एक बड़ा सबक, जिसे पढ़कर आप भी कहेंगे – "अरे, ये तो मेरे साथ भी हो चुका है!"