होटल की मेहरबानी या ग्राहक का हक? – नाश्ते के कूपन पर मची महाभारत!
होटल रिसेप्शन पर आपने कभी काम किया हो या बस किसी शादी में रुके हों, तो आप जानते होंगे – मेहमानों की फरमाइशें और ड्रामे का कोई अंत नहीं। पर इस बार जो हुआ, वो तो जैसे हिंदी सीरियल के लिए भी ज़्यादा हो जाता! सोचिए, एक छोटी-सी बात, यानी होटल के नाश्ते के कूपन पर ऐसा घमासान मच गया कि रिसेप्शन वालों की सांसें ही अटक गईं।