मेरी तीसरी सुबह की शिफ्ट: होटल की रिसेप्शन पर खून का तालाब और ज़िंदगी-मौत का खेल
सुबह की हल्की सी ठंड, होटल का रिसेप्शन और मेरी ज़िंदगी की तीसरी सुबह की शिफ्ट—सब कुछ एकदम सामान्य था। चाय की चुस्की लेने की सोच ही रहा था कि अचानक एक मेहमान भागता हुआ आया, उसके चेहरे पर घबराहट साफ़ झलक रही थी। उसने लगभग हाँफते हुए कहा, "जल्दी 112 (अमेरिका में 911) कॉल करो, एक आदमी गिर गया है और बहुत खून बह रहा है!"
अब ज़रा सोचिए, होटल में काम करते हुए मेरी तीसरी ही सुबह थी और वो भी अकेले डेस्क पर! मेरे जैसे नए बन्दे के लिए इससे बड़ी परीक्षा और क्या हो सकती थी?