हमेशा ऐसे ही करते आए हैं' – दफ्तरों में जमीं पुरानी आदतों की दिलचस्प दास्तान
हर दफ्तर में एक पुरानी कहावत खूब चलती है – "हमेशा ऐसे ही करते आए हैं!" चाहे सरकारी दफ्तर हो या प्राइवेट कंपनी, ये जुमला सुनना आम बात है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये 'ऐसे ही' शुरू कैसे हुआ? आज मैं आपको एक ऐसी तकनीकी दुनिया की कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जिसमें एक अजीबो-गरीब वजह ने हजारों कर्मचारियों और पाँच फैक्ट्रियों तक को एक ही ढर्रे पर सालों-साल चलाए रखा।