आधी रात के बाद होटल लॉबी में बैठने की जिद – क्या ये सच में मासूमियत थी?
कभी-कभी ज़िंदगी हमें ऐसे अनुभव दे जाती है, जिन पर हम चाहकर भी यकीन नहीं कर पाते। अगर आपने कभी रेलवे स्टेशन, बस अड्डे या हॉस्पिटल की वेटिंग रूम में रात बिताई हो तो आपको पता होगा कि आधी रात के बाद वहां अजीब-अजीब लोग और किस्से देखने को मिलते हैं। मगर होटल की लॉबी रात के ढाई-तीन बजे कोई क्यों आएगा?
यही सवाल एक होटल रिसेप्शनिस्ट के दिमाग में भी उस रात आया, जब 2:45 बजे अचानक एक कार आकर रुकी। रिसेप्शनिस्ट को लगा शायद कोई गेस्ट या नया ग्राहक आया है, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग ही था।