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UK के नाइटक्लब में बदला: मेरी ड्रिंक किसके ऊपर गिरी?

एक छात्र की एनिमे शैली की चित्रण, जो एक जीवंत यूके नाइटक्लब में मस्ती से प्रतिशोध की योजना बना रहा है।
इस रंगीन एनिमे-प्रेरित दृश्य में हलके-फुल्के प्रतिशोध की जादुई दुनिया में गोताखोरी करें, जहाँ एक व्यस्त उत्तरी यूके नाइटक्लब में पेय पदार्थ बहते हैं और शरारती योजनाएँ बनती हैं। आपका पसंदीदा प्रतिशोध की कहानी कौन सी है?

कहते हैं, "जैसा करोगे वैसा भरोगे!" कभी-कभी छोटी-छोटी बातों में भी इंसान के धैर्य और शरारत का असली रंग सामने आ जाता है। आज की कहानी एक ऐसे ही छात्र की है, जो इंग्लैंड के एक नॉर्दर्न शहर में नाइटक्लब में गया और वहां उसकी मुलाकात एक "अनोखे बदले" से हुई।

जिस तरह हमारी हिंदी फिल्मों में किसी को नीचा दिखाने के लिए हीरो-हीरोइन कई बार चुटीली चाल चल देते हैं, ठीक वैसा ही कुछ इस कहानी में भी हुआ। तो चलिए, जानते हैं कौन पी गया किसकी ड्रिंक और किसके ऊपर गिरा बदले का घड़ा!

नाइटक्लब की वो रात: जब उम्मीदें टूटती हैं

साल 2010, इंग्लैंड का एक व्यस्त छात्र नाइटक्लब, और वहां की रंगीन शाम। हमारे कहानीकार, जो खुद को "BalanceWasRestored" कहते हैं, पहली बार अपना पसंदीदा 'डबल एन मिक्सर' लेकर जैसे ही मुड़े, पास खड़ी एक लड़की ने गलती से उनकी ड्रिंक उलट दी। पूरा फ्रंट भीग गया। लड़की ने झट से माफी मांगी और बोली, "मैं तुम्हारी ड्रिंक रिप्लेस कर देती हूँ।"

अब आप सोचिए, भारत में भी जब कोई गलती से पानी या चाय गिरा दे, तो तुरंत "कोई बात नहीं, मैं दूसरी ले आता हूँ" कहकर बात बना ली जाती है। यही सोचकर हमारे भाई मस्ती में अपने दोस्त से गपशप करने लगे, इधर लड़की बार के पास इंतजार करती रही।

कुछ देर बाद देखा, वही लड़की दो ड्रिंक्स लेकर रफूचक्कर हो गई! जब कहानीकार ने पूछा, "मेरी ड्रिंक?" तो बड़े ठसक से जवाब मिला, "लोग हमेशा वो नहीं करते जो बोलते हैं... सीखने के लिए ये सबक काफी है।"

भाईसाहब का गुस्सा सातवें आसमान पर! लेकिन, उन्होंने सोचा – "आज की रात किसी की वजह से खराब नहीं करूंगा, छोड़ो!"

बदला भी कभी-कभी मजेदार होता है

कहावत है – "बिल्ली के भाग्य से छींका टूटे!" रात आगे बढ़ी, क्लब खाली होने लगा, तभी कहानीकार की नजर फिर उन्हीं दो काले स्ट्रैप्स वाली लड़की पर पड़ी। इस बार वो किसी के साथ दीवार से सटकर जोर-जोर से प्यार लुटा रही थी। यहीं दिमाग में बिजली कौंधी – "अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे!"

मौके का फायदा उठाया, आसपास की छोड़ी हुई ड्रिंक्स मिलाईं, एक पिंट ग्लास में भर दी, और लड़की की पीठ पर ऐसे उड़ेल दी जैसे होली में रंग डालते हैं। लड़की ने जोरदार चीख मारी, और भाईसाहब बिना रुके बाहर निकल लिए।

इसीलिए तो कहा जाता है – "बदला ठंडा ही अच्छा लगता है!" एक कमेंट में किसी ने लिखा, "तुम्हारा ड्रिंक अब सच में उसके ऊपर है!" (The drink was on her.) क्या कहें, कभी-कभी ये छोटी-छोटी हरकतें ही अंदर की भड़ास निकाल देती हैं।

रिवेंज पर जनता की राय: मसालेदार कमेंट्स

रेडिट पर इस पोस्ट ने खूब धमाल मचाया। एक पाठक ने लिखा, "परफेक्ट बदला! वादा किया, निभाया नहीं, और उसी का मजा चखा।"
दूसरे ने मजाक में कहा, "शायद वो दीवार से सटकर इतना पसीना बहा रही थी, तुमने तो बस कूलर का काम किया!"

कुछ लोगों ने इसे 'छोटी सोच' या 'पेट्टी' बताया, तो कईयों ने दिल खोलकर तारीफ की। एक ने तो बॉलीवुड डायलॉग स्टाइल में लिखा, "आज की रात तुम याद रखोगी, कैसे तुम लगभग जीत गई थीं!"

और भाईसाहब (OP) ने सबको आश्वासन भी दिया – "बिल्कुल चिंता मत करो, ऐसी और कहानियाँ अगले हफ्ते आएंगी!" आखिर, "पीछा करने वाले ड्रैगन" की तरह वो बदला लेने का लुत्फ उठाने लगे थे।

क्यों ज़रूरी है कभी-कभी 'पेट्टी रिवेंज'?

भारतीय समाज में अक्सर सिखाया जाता है – "बड़े दिलवाले माफ कर देते हैं।" मगर कभी-कभी छोटी-छोटी बदमाशियों में भी अजीब सी तसल्ली मिलती है। जैसे कभी स्कूल में किसी दोस्त ने टिफिन चुराया हो, और आपने भी अगले दिन उसकी बोरी में चुपके से टिफिन छुपा दी हो!

इस कहानी से सीख यही मिलती है – भरोसा तोड़ने वाले को कभी-कभी उसी की भाषा में जवाब देना भी जरूरी है। वरना, लोग यही समझेंगे कि "माफ करना" कमजोरी है।

और हाँ, इस तरह की शरारतें हद में रहकर ही मजेदार होती हैं, वरना कभी-कभी मामला उल्टा भी पड़ सकता है।

अंत में: आपकी भी है कोई मजेदार 'पेट्टी रिवेंज'?

तो दोस्तों, ये थी 'ड्रिंक के बदले ड्रिंक' की मजेदार कहानी! अगर आपके साथ भी कभी ऐसा कोई वाकया हुआ है, जहाँ आपने किसी को हल्के-फुल्के अंदाज में सबक सिखाया हो, तो नीचे कमेंट में जरूर बताएं।

कहानी पसंद आई हो तो शेयर करें, और ऐसे मजेदार किस्सों के लिए जुड़े रहें। क्योंकि कभी-कभी जिंदगी में थोड़ा सा 'नमक-मिर्च' भी जरूरी है!


मूल रेडिट पोस्ट: Revenge 1: The drinks are on me! Or are they....