जब ग्राहक ने कहा 'सिर्फ एक रंग चाहिए विज्ञापन में', तो डिज़ाइनर ने कर दिया कमाल!
क्या आपने कभी ऐसे बॉस या ग्राहक का सामना किया है, जिसे बस अपनी ही चलानी हो—वो भी तर्क-वितर्क से परे? अगर हाँ, तो आज की ये कहानी आपकी हँसी रोक नहीं पाएगी! हर दफ्तर में एक न एक ‘खास ग्राहक’ ज़रूर होता है, जिनकी फरमाइशें सुनकर कभी-कभी तो मन करता है, “भैया, ये तो हद ही हो गई!” तो आइए, मिलते हैं एक युवा ग्राफिक डिज़ाइनर से, जिसकी पहली नौकरी में उसे मिला ऐसा ही ‘खास’ ग्राहक—जिसकी मांग थी, “विज्ञापन में सिर्फ एक रंग चाहिए!”