क्या आपकी प्रिंटर भी कभी 'भूतिया' हो जाती है? एक वकील और टेक्नोलॉजी की जंग
क्या आपने कभी सुना है कि किसी ऑफिस की प्रिंटर रात को खुद-ब-खुद प्रिंट निकालने लगती है? नहीं सुना? तो आज सुनिए एक सच्ची कहानी – जिसमें प्रिंटर को "भूतिया" समझ लिया गया और ऑफिस में मानो CID या 'भूत-पिशाच निकाले' जैसी स्थिति बन गई!
एक मिड-साइज़ लॉ फर्म में टेक्निकल सपोर्ट डेस्क पर काम करने वाले हमारे दोस्त का अनुभव कुछ ऐसा ही था। मंगलवार की सुबह उन्हें ऑफिस की सबसे सीनियर पार्टनर - चलिए नाम मान लें 'मार्गरेट' - का टिकट मिला। उसमें लिखा था कि उनकी प्रिंटर "पज़ेस्ड" है, यानी उसमें किसी आत्मा का वास है, और वह रात में अपने आप अजीब-अजीब प्रिंट निकालती है! टिकट में तीन-तीन एक्सक्लेमेशन मार्क और "intentional" शब्द को रेखांकित किया गया था। अब आप खुद सोचिए, ऐसे केस में टेक्निकल बंदा क्या सोचे?