माफ़ी नहीं माँगूंगा!' – जब काम की सच्चाई सबको चुभने लगी
कभी आपने सोचा है – दफ्तर या दुकान में वो एक बंदा जो सबका काम संभालता है, लेकिन सबकी आँखों में किरकिरी बन जाता है, आखिर वो इतना "खड़ूस" क्यों बन जाता है? होटल की नाइट शिफ्ट में काम करना, वैसे भी आम भारतीय नौकरी से अलग है; यहाँ न साहब की चाय बनानी, न बॉस के आगे-पीछे घूमना – सब कुछ खुद ही देखना पड़ता है। और जब इंसान खुद पर भरोसा करके, नियमों के साथ, बिना किसी की परवाह किए काम करने लगे, तो कुछ लोगों को यह घमंड भी लग सकता है।
आज की कहानी एक ऐसे ही होटल कर्मचारी की है, जो सबकी आँखों में "खड़ूस", "अहंकारी" और "मुसीबत" है – लेकिन वो खुद को ईमानदार, भरोसेमंद और सबसे बढ़कर 'अपने काम का मास्टर' मानता है। और सबसे मज़ेदार बात? उसे खुद के बारे में ये सब बातें कहने में बिल्कुल भी शर्म नहीं!