ओवरटाइम की ऊहापोह: जब नियमों का खेल कर्मचारियों पर भारी पड़ गया
सोचिए, आप सुबह दफ्तर पहुंचते हैं—मुंह में चाय का स्वाद, दिमाग में काम की लिस्ट, और अचानक बॉस का फरमान: "आज ओवरटाइम (OT) नहीं मिलेगा!" अगले ही दिन वही बॉस मुस्कराते हुए कहते हैं, "आज ओवरटाइम कर सकते हो, लेकिन मंजूरी लेनी होगी।" इसी तरह एक दिन हां, एक दिन ना... ये खेल चलता रहता है। ऐसे में कर्मचारी क्या करे? रोज़ नियम बदलें, तो कर्मचारी भी चतुराई दिखाएगा ना!