जब मेडिकल फिट नोट ने ऑफिस की राजनीति को हिला दिया: एक अनोखी कहानी
कहते हैं, "जहाँ चार बर्तन, वहाँ खटर-पटर!" दफ्तरों में भी यही हाल है—कुछ लोग आपको परिवार जैसा अपनाते हैं, तो कुछ हमेशा आपकी टांग खींचने को तैयार रहते हैं। आज हम आपको एक ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहे हैं, जिसमें ऑफिस की राजनीति, इंसानियत और 'फिट नोट' का तड़का है।
कल्पना कीजिए, आप अपने काम में ईमानदार हैं, लेकिन एक गंभीर चोट के बाद आपके लिए हर दिन नया संघर्ष है। टीम के ज़्यादातर लोग आपका साथ भी देते हैं, लेकिन एक साथी को आपकी तकलीफ पर भरोसा नहीं, बल्कि जलन होती है। अब ऐसे में क्या हो, जब ऑफिस में इंसानियत और नियम-क़ायदे आमने-सामने आ जाएं?