जब नर्सरी अध्यापिका को मिली अपनी ही कही बातों की सज़ा: एक दिलचस्प बदला
स्कूल के दिनों की यादें अक्सर दिल को छू जाती हैं – कुछ मीठी, तो कुछ कड़वी। मगर कभी-कभी वही कड़वी यादें किसी के जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा भी बन जाती हैं। आज की कहानी एक ऐसे ही बच्चे की है, जिसे उसकी नर्सरी टीचर ने नाकाबिल समझकर हाशिए पर डाल दिया था। लेकिन किस्मत ने ऐसी करवट ली कि 20 साल बाद वही बच्चा अपनी अध्यापिका को ऐसा जवाब देता है कि पढ़ने वाला भी हँसी और जोश से भर जाता है।