होटल रिसेप्शन पर मोबाइल पर व्यस्त मेहमानों की कहानी: संवेदनशीलता या बदतमीजी?
सोचिए, आप किसी अच्छे होटल में रिसेप्शन पर खड़े हैं। सामने रिसेप्शनिस्ट मुस्कुरा रहा है, लेकिन आप हैं कि कान में मोबाइल चिपकाए, ऊँची आवाज़ में गप्पें हाँक रहे हैं—वो भी स्पीकर पर! कर्मचारी बेचारा कोशिश कर रहा है—"सर, आईडी प्लीज... सर, आपका कमरा नंबर... नाश्ता कहाँ मिलेगा..."—पर आपकी दुनिया तो फोन पर ही चल रही है। ऐसे में कर्मचारी क्या करे? बार-बार टोके तो आप आँखें तरेरें, चुप रहे तो बाद में कहें, "मुझे तो किसी ने बताया ही नहीं!"
अगर ये किस्सा आपको जाना-पहचाना लग रहा है, तो यकीन मानिए, आप अकेले नहीं हैं! होटल, बैंक, किराने की दुकान—हर जगह ऐसे मोबाइल प्रेमियों की भरमार है। आज इसी टॉपिक पर बात होगी, और देखेंगे कि आखिरकार होटल वाले ऐसे मेहमानों से कैसे निपटते हैं, और हमें—एक जिम्मेदार समाज के सदस्य के तौर पर—क्या करना चाहिए।