जब सहकर्मी ने बैंक जाने की ज़िम्मेदारी थोप दी: ऑफिस राजनीति की एक चटपटी कहानी
कभी-कभी ऑफिस में ऐसा लगता है जैसे कोई टीवी सीरियल चल रहा हो—हर दिन नया ट्विस्ट, नए किरदार, और कभी-कभी तो ऐसी राजनीति कि आप सोचें कि 'कौन बनेगा बॉस' का रियल वर्जन यही है! आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसमें एक सहकर्मी ने अपने 'बॉसगिरी' के चक्कर में एक नए ड्राइवर को बैंक जाने की जिम्मेदारी थमा दी। लेकिन आगे जो हुआ, वो पढ़कर आप हँसते-हँसते लोटपोट हो जाएंगे।