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किस्सागो

जब ‘कैश’ और ‘कार्ड’ एक ही बात हो जाए: होटल रिसेप्शन की मजेदार दास्तां

होटल स्टाफ की कार्टून-3D चित्रण, जो मेहमानों के नकद और कार्ड से चेक-इन की हलचल से परेशान हैं।
इस जीवंत कार्टून-3D दृश्य में, हमारा होटल स्टाफ एक व्यस्त शाम का सामना कर रहा है, जहां मेहमान नकद और कार्ड को एक समान मानते हैं। क्या आप इस चेक-इन की हलचल से संबंधित हैं?

कभी-कभी लोग ऐसे-ऐसे सवाल कर देते हैं कि आप सोच में पड़ जाते हैं – “अरे भाई, ये किस दुनिया में रहते हैं?” होटल में रिसेप्शन पर बैठना वैसे भी आसान काम नहीं। ऊपर से अगर ग्राहक ही ‘जुगाड़ू’ निकले, तो मज़ा ही कुछ और है। एक बार की बात है, जब एक सज्जन आए और उन्होंने ‘कैश’ और ‘कार्ड’ को ऐसे मिलाकर पेश किया कि खुद बैंकों के बाबू भी चकरा जाएँ!

जब धोखेबाज़ माइक को टिंडर पर मिली 'छोटी मगर धारदार' बदला

एक महिला, टिंडर पर धोखे का सामना करने के बाद दिल टूटने पर विचार करती हुई, एक सिनेमाई माहौल में।
इस सिनेमाई दृश्य में, एक महिला विश्वासघात के भावनात्मक तूफान से जूझती है, टिंडर पर एक प्रेम बमबारी के अनुभव पर विचार करती है। उसकी यात्रा, रोमांच से लेकर दिल टूटने तक, आधुनिक डेटिंग की जटिलताओं के बीच unfolds होती है।

कहते हैं, “जैसी करनी, वैसी भरनी।” प्यार में धोखा मिलने के बाद बहुत से लोग टूट जाते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो ठान लेते हैं कि बदले का स्वाद थोड़ा तीखा होना चाहिए। आज की कहानी है एक ऐसी ही जुझारू महिला की, जिसने अपने एक्स-बॉयफ्रेंड को सबक सिखाने के लिए टिंडर जैसी ऐप का इस्तेमाल किया – वो भी बड़े मज़ेदार तरीके से!

जब बच्चों ने पड़ोसन को सबक सिखाया: एक शरारती बदला

दो बच्चों को उनके मोहल्ले की एक अजीब-सी दादी द्वारा खेल-खेल में परेशान होते हुए दर्शाता एनिमे चित्रण।
यह जीवंत एनिमे-शैली की छवि दो छोटे लड़कों की मजेदार शरारतों को दर्शाती है, जो अपने मोहल्ले की एक अद्भुत दादी के साथ हैं। आइए हम इस हास्यप्रद कहानी में गोताखोरी करें!

हमारे मोहल्लों में अक्सर कोई न कोई ऐसी अजीबो-गरीब आंटी या चाची होती ही है, जिन्हें हर बात में अपनी नाक घुसानी होती है। हर दिन स्कूल से आते वक्त या बहार खेलने जाते बच्चों से पूछताछ—"किसके साथ जा रहे हो, क्या ले आए हो, बैग में क्या है?" — ये तो हमारे समाज की आम बातें हैं। पर जब बच्चों का सब्र टूटता है, तो क्या होता है? आज हम ऐसी ही एक खुराफाती कहानी लेकर आए हैं, जिसमें दो बच्चों ने एक तंग करने वाली पड़ोसन को ऐसा सबक सिखाया कि वो जिंदगी भर याद रखेगी!

जब घमंडी दोस्त को एक सेब ने सबक सिखाया

एक व्यक्ति जो सेब पकड़े हुए बौद्धिक घमंड का सामना कर रहा है, का कार्टून-3डी चित्रण।
इस मजेदार कार्टून-3डी चित्रण में, हम दोस्ती और बौद्धिक घमंड के अनोखे रिश्तों की खोज करते हैं, जबकि हमारा नायक सेब पकड़े साहसिकता से खड़ा होता है। आइए इस हल्के-फुल्के व्यंग्य और सूक्ष्म प्रतिशोध की कहानी में शामिल हों!

हम सभी के ग्रुप में एक न एक ऐसा दोस्त ज़रूर होता है जो खुद को चलती-फिरती विश्वकोश समझता है। वो हर बात में टांग अड़ाता है, चाहे बात छोटे-मोटे खाने-पीने की हो या किसी बड़ी फिलॉसफी की। ऐसा ही किस्सा हाल ही में एक Reddit यूज़र ने शेयर किया, जिसने अपने ‘ज्ञानी’ दोस्त को सेब खाते वक्त ही उसकी अकड़ निकाल दी! कहानी में मज़ा भी है, सीख भी और ढेर सारी मिर्च-मसाला भी – बिल्कुल वैसे, जैसे हमारे यहाँ चाय के साथ गपशप चलती है।

जब ग्राहक ने होटल स्टाफ की पहचान पर सवाल उठाया: एक अनोखा किस्सा

एक व्यक्ति जो नौकरी की पसंद और कमरे की सफाई के मुद्दों पर सर्वे पढ़ते समय निराश दिख रहा है।
इस फोटो यथार्थवादी छवि में, एक व्यक्ति अपने नौकरी चयन और कमरे की सफाई पर सवाल उठाने वाले सर्वे के बाद अपनी निराशा व्यक्त कर रहा है। यह पोस्ट आज के कार्यस्थल में फीडबैक और पेशेवरता की जटिलताओं, खासकर समावेशिता के संदर्भ में, गहराई से चर्चा करती है।

भारत में होटल या ऑफिस—हर जगह तरह-तरह के लोग आते हैं। हर किसी की अपनी-अपनी सोच होती है। लेकिन सोच का स्तर तब गिर जाता है जब काम से ज़्यादा किसी की पहचान या निजी ज़िंदगी पर सवाल उठने लगें। आज की कहानी एक ऐसे ही होटल मैनेजर की है, जिसने अपने स्टाफ के लिए ऐसी बात सुनकर गज़ब का स्टैंड लिया।

कंपनी लैपटॉप, निजी फाइलें और कानूनी धमकी: एक आईटी सपोर्ट की अनोखी जंग

खाता निष्क्रिय होने के बाद एक कर्मचारी कंपनी का लैपटॉप वापस कर रहा है, कार्यस्थल नीति समस्याओं को उजागर करते हुए।
एक फोटोरियलिस्टिक चित्रण जिसमें एक पूर्व कर्मचारी कंपनी का लैपटॉप लौटाते हुए दिखाया गया है, जो कार्यस्थल नीतियों और खातों के निष्क्रिय होने पर कानूनी जटिलताओं को दर्शाता है।

ऑफिस में काम करने वालों के लिए आईटी डिपार्टमेंट वो गुप्त योद्धा हैं, जो चुपचाप हर समस्या सुलझा देते हैं। लेकिन कभी-कभी कुछ लोग ऐसी मुसीबत खड़ी कर देते हैं कि आईटी वाले भी सिर पकड़ लें। आज की कहानी एक ऐसे ही कर्मचारी की है, जिसने अपना कंपनी लैपटॉप लौटाने से मना कर दिया – और वो भी धमकी के साथ!

जैसे बॉलीवुड फिल्मों में नायक-खलनायक की टक्कर होती है, वैसे ही इस आईटी सपोर्ट वाले भाईसाहब (जिन्होंने Reddit पर ये किस्सा साझा किया) और एक हटाए गए कर्मचारी के बीच दिलचस्प जंग छिड़ गई।

जब Medicare स्कैमर्स को बुज़ुर्ग बनने की एक्टिंग ने चक्कर में डाल दिया!

फोन पर बात कर रहा बुजुर्ग, मजाकिया अंदाज में मेडिकेयर ठगों का सामना करते हुए।
यह फोटो वास्तविकता के करीब एक छवि है, जो एक बुजुर्ग व्यक्ति की साहसिकता को दर्शाती है, जो लगातार मेडिकेयर ठगों से चतुराई से निपटते हैं। जानें कैसे उन्हें उनकी ही दवा का स्वाद चखाएं!

आजकल फोन पर स्कैम कॉल्स आना किसी बुरे सपने से कम नहीं। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि जैसे ये कॉलर्स हमारे पीछे ही पड़ गए हैं! और अगर घर में कोई बुज़ुर्ग हो, तो चिंता और बढ़ जाती है—कहीं वो इनके झांसे में न आ जाएं। लेकिन आज मैं एक ऐसी कहानी लाया हूँ, जिसमें एक समझदार इंसान ने स्कैमर्स को उनकी ही चाल में उलझा दिया। ज़रा सोचिए, अगर स्कैमर आपको बार-बार परेशान करे, तो आप क्या करेंगे? सीधा काट देंगे, डांट देंगे या... थोड़ा मजा ही ले लेंगे?

जल्दी मिलेगा' बोल-बोलकर बॉस ने सताया, कर्मचारी ने CEO को ईमेल कर दी झटका!

टेलीकॉम विलय पर चर्चा करते सेवा प्रतिनिधि; 2000 के दशक की शुरुआत में कार्यालय का तनाव।
2000 के दशक की शुरुआत में टेलीकॉम विलय के तनाव को झेलते सेवा प्रतिनिधियों का यथार्थवादी चित्रण, जो उनके अनुभवों को आकार देने वाले महत्वपूर्ण क्षणों पर विचार करता है।

ऑफिस की दुनिया में 'जल्दी मिलेगा', 'अभी भेजता हूँ', 'बस होने ही वाला है' जैसे वादे सुनना आम बात है। लेकिन जब कोई बॉस ये बहाने बार-बार दोहराए और आपके हक़ का पैसा भी रोके, तब क्या करना चाहिए? आज हम आपको सुनाएंगे एक ऐसी असली कहानी, जिसमें कर्मचारी ने अपने बॉस की 'जल्दी मिलेगा' वाली रट को ऐसी धुलाई दी कि खुद बॉस को अपने वीकेंड का कबाड़ा करवाना पड़ा!

ऑफिस में दवाइयों पर बैन, पर कॉफी भी नहीं चलेगी? एक मज़ेदार कहानी!

कार्यस्थल की फिटनेस नीति दस्तावेज़ की समीक्षा करते कर्मचारी, स्पष्ट संवाद के महत्व को उजागर करते हुए।
एक फोटो यथार्थवादी चित्रण जिसमें कर्मचारी एक नई कार्यस्थल फिटनेस नीति की जांच कर रहा है, जो संगठनों में स्पष्ट नियमों और संवाद की आवश्यकता को दर्शाता है।

ऑफिस की नीतियाँ, यानी policies, अक्सर हमारे सिरदर्द का कारण बनती हैं। कभी-कभी तो लगता है जैसे HR वालों ने चाय की प्याली के साथ बैठकर फुरसत में ये नियम बना दिए हों – क्या लिखा है, इससे किसे फर्क पड़ता है? पर जब नियम इतने अजीब हों कि सुबह की कॉफी छीन लें, तब तो बवाल होना तय है। आज हम आपको एक ऐसी कहानी सुनाते हैं, जिसने Reddit पर लोगों को खूब गुदगुदाया। अगर आप कभी ऑफिस की नियमावली पढ़कर माथा पकड़ चुके हैं, तो ये किस्सा आपके लिए है!

कंप्यूटर का भूत: जब कीबोर्ड अपने आप टाइप करने लगा!

शांत कार्यालय में फोन पर महिला, सॉफ्टवेयर और आईटी समस्याओं में ग्राहकों की सहायता कर रही है।
एक शांत कार्यालय वातावरण में, एक समर्पित पेशेवर फोन पर ग्राहकों के साथ संवाद कर रही है, सॉफ्टवेयर और आईटी चुनौतियों को व्यक्तिगत स्पर्श के साथ हल करने की अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए।

तकनीकी सहायता (Tech Support) में काम करना कभी-कभी बिल्कुल वैसे ही अनुभव देता है जैसे कोई पुरानी बॉलीवुड कॉमेडी फिल्म देख रहे हों। कभी ग्राहक परेशान, कभी समस्या अजीब, और कभी समाधान इतना सीधा कि सुनकर हँसी आ जाए। आज हम एक ऐसी ही किस्सा सुनाने जा रहे हैं, जिसमें एक कंप्यूटर ने वो कारनामा किया कि सुनकर आप भी मुस्कुरा उठेंगे।