जब होटल रिसेप्शनिस्ट ने 'इंतजार' का पाठ सिखाया: अधीर मेहमान और फोन की जंग
कहते हैं, "सबर का फल मीठा होता है", लेकिन जब बात होटल के रिसेप्शन की हो और सामने लंबी लाइन हो, तो सब्र भी कब खत्म हो जाए, कौन जाने! आज हम आपको एक ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहे हैं जो कहीं किसी बड़े शहर के आलीशान होटल में नहीं, बल्कि हमारे-आपके जैसे आम होटल में घटी। इसमें एक तरफ था रिसेप्शन पर अकेला कर्मचारी – और दूसरी ओर थी एक ऐसी कॉलर मेहमान, जिसे दो महीने बाद की बुकिंग की चिंता इतनी थी कि उसका सब्र बार-बार जवाब दे गया।