होटल की रात: जब मैनेजमेंट बना ‘सुपरहीरो’ और टॉयलेट बना मैदान-ए-जंग!
कहते हैं, होटल की नौकरी में हर दिन नई कहानी मिलती है—कभी मेहमान की शिकायत, कभी रूम सर्विस की चूक, तो कभी कोई छोटी-मोटी शरारत। लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि सबसे मुश्किल काम सिर्फ रजिस्टर भरना या चाय-पानी परोसना है, तो जनाब, ज़रा ठहरिए! आज मैं आपको ले चलता हूँ एक ऐसी रात में, जहाँ होटल का नाइट ऑडिटर बना 'हीरो', और टॉयलेट ने रच दी ऐसी पटकथा, जिसे सुनकर आप हँसते-हँसते लोटपोट हो जाएंगे... और थोड़ा सा 'करुणा रस' भी बहा देंगे।