पहचान पत्र की हालत क्यों इतना मायने रखती है? होटल रिसेप्शन की हैरान कर देने वाली कहानी
कभी-कभी लगता है कि होटल रिसेप्शनिस्ट की जिंदगी कितनी आसान होगी – मुस्कुराइए, चाबी दीजिए, और गेस्ट को कमरे तक भेज दीजिए। लेकिन असलियत में, होटल की रिसेप्शन डेस्क पर हर दिन कुछ नया तमाशा देखने को मिलता है। आज की कहानी एक ऐसे ही होटल कर्मचारी की है, जिसने अपने नाइट शिफ्ट में आईडी की हालत को लेकर जो झेला, उससे हर किसी को सबक लेना चाहिए।
सोचिए, आप थके-हारे काम पर आते हैं, उम्मीद है कि आज रात ज्यादा झंझट नहीं होगा। लेकिन तभी एक मेहमान आता है, जिसकी आईडी देखकर आपकी आंखें खुली की खुली रह जाती हैं। क्या टूटी-फूटी, क्या एक्सपायर्ड – जैसे कोई पुरानी किताब के फटे पन्ने! अब आप खुद सोचिए, ऐसी आईडी देखकर कोई भी रिसेप्शनिस्ट क्या करता?