जब 'नो सोलिसिटर' बोर्ड बना मुहल्ले की ढाल: एक छोटी सी बदला-कहानी
कभी आपने अपने गेट पर 'कोई बिक्री या प्रचार नहीं' (No Soliciting) का बोर्ड लगाया है? सोचिए, आप थके-हारे घर लौटे, और तभी घंटी बजा कर कोई आपको कुछ बेचने आ धमके! ऐसे में गुस्सा आना लाज़मी है। लेकिन अगर पड़ोसी बुजुर्ग हों और बेचारे खुद कुछ कह नहीं पाते, तो? आज की कहानी है एक ऐसे ही नौजवान पड़ोसी की, जिसने अपने मोहल्ले वालों को इन बेचैन सेल्समैन से बचाने के लिए मोर्चा संभाल लिया।