जब रिश्तेदारों ने मांग लिया सस्ता तोहफा, लेकिन मिला ऐसा सबक कि होश उड़ गए!
हमारे भारतीय परिवारों में त्योहारों का मतलब सिर्फ मिठाइयाँ और पकवान ही नहीं, बल्कि तोहफों का आदान-प्रदान भी है। दिवाली हो या राखी, शादी-ब्याह हो या जन्मदिन—तोहफे देना-लेना तो जैसे हमारी संस्कृति की रगों में बसा है। लेकिन सोचिए, अगर कोई रिश्तेदार तोहफों का महत्त्व कम बता कर सिर्फ सस्ते तोहफे माँगने लगे, और खुद हमेशा मंहगे गिफ्ट्स ही ले जाए, तो क्या हो? आज की कहानी कुछ ऐसी ही है, जिसमें एक समझदार इंसान ने अपने चालाक रिश्तेदारों को ऐसा सबक सिखाया, कि वे दोबारा कभी ‘सस्ते तोहफों’ की रट नहीं लगाएंगे!