कस्टमर केयर वालों से बदतमीज़ी? होशियार! उनके पास भी 'स्क्रू यू' बटन है
सोचिए, आपने कहीं फोन किया – शायद आपका डीटीएच या इंटरनेट नहीं चल रहा, और गुस्से में आगबबूला हो कर कस्टमर केयर वाले को अच्छे से सुना डाला! क्या कभी सोचा है, दूसरी तरफ बैठा वो इंसान क्या महसूस करता है? क्या उसके पास भी कोई तरीका है ऐसे बदतमीज़ ग्राहकों से निपटने का?
आज की कहानी एक ऐसे ही कस्टमर सर्विस एजेंट की है, जिसने 'नम्रता का जवाब नम्रता से' देने के बजाए थोड़ा सा 'मसालेदार' रास्ता चुना। और यकीन मानिए, ये कहानी सिर्फ हंसाने वाली नहीं, सोचने पर भी मजबूर कर देती है!