ऑफिस की राजनीति और इस्तीफे का बदला: एक छोटी सी जीत की कहानी
अगर आपने कभी किसी सरकारी दफ्तर या बड़ी कंपनी में काम किया है, तो ऑफिस की राजनीति और ग्रुपबाज़ी आपके लिए नई बात नहीं होगी। कभी-कभी तो लगता है जैसे टीमों में क्रिकेट मैच चल रहा हो—टीम ए बनाम टीम बी! ऐसे माहौल में जहाँ एक तरफ मैनेजर सिर्फ अपने “चहेतों” की सुनती है, वहीं दूसरी ओर बाकी कर्मचारी गिनती में ही नहीं आते। आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिसमें एक कर्मचारी ने अपनी चतुराई से मैनेजर को ऐसा झटका दिया कि उसकी सारी प्लानिंग धरी की धरी रह गई।