जब पड़ोसी बना ‘अल्फा मेल’, तो टेलर स्विफ्ट और स्ट्रॉबेरी के खुशबू से मिली ठंडी ठंडी बदला
शहरों की बहुमंज़िला इमारतों में रहते हुए लगभग हर किसी ने कभी न कभी ऐसे पड़ोसी का सामना किया है, जिसे अपनी ही दुनिया प्यारी होती है – दूसरों की नींद, आराम या चैन-ओ-अमन से उसे कोई मतलब नहीं। ऐसे ‘अल्फा मेल’ टाइप पड़ोसी जिनके लिए उनकी बुलंद आवाज़, ज़ोरदार गाड़ी और रात भर गूंजती म्यूजिक ही सबसे जरूरी है। लेकिन जब सहनशक्ति की हदें पार हो जाएं, तो क्या करें? आज की कहानी में एक साधारण इंसान ने अपने शोरगुल वाले पड़ोसी को ऐसा मीठा बदला दिया कि वो भी हैरान रह गया!