अरे भाभी, मन की बात कौन पढ़े? होटल रिसेप्शन की वो गज़ब कहानी!
होटल का रिसेप्शन—जहाँ हर दिन नए-नए किस्से बनते हैं। यहाँ काम करना ऐसा है जैसे रोज़ टीवी सीरियल का नया एपिसोड देखना, बस फर्क इतना कि कैमरे की जगह असली चेहरे होते हैं और ड्रामा असली ज़िंदगी का! हाल ही में मेरे एक दोस्त ने होटल रिसेप्शन पर घटी अपनी एक मजेदार घटना सुनाई, जिसे सुनकर मुझे लगा कि ये कहानी हर उस इंसान को पढ़नी चाहिए जिसने कभी ग्राहक सेवा में काम किया हो… या कभी होटल में रुका हो!