होटल के अजीबो-गरीब मेहमान: जब फोन की गड़बड़ी ने बना दी कॉमेडी
होटलों में काम करना कोई बच्चों का खेल नहीं। जिन लोगों ने कभी रिसेप्शन पर बैठ कर मेहमानों की फरमाइशें सुनी हैं, वही जानते हैं कि ये नौकरी अक्सर 'मिर्ची लगे तो मीठा मीठा' जैसी होती है। एक तरफ मेहमानों की उम्मीदें आसमान छूती हैं, दूसरी तरफ उनकी हरकतें कभी-कभी इतनी अजीब होती हैं कि हंसी छूट जाए या सिर पकड़ के बैठ जाए इंसान।
आज मैं आपको एक ऐसी ही घटना सुनाने जा रहा हूँ, जिसे पढ़कर आप भी कहेंगे—"भैया, होटलवाले भी आखिर इंसान होते हैं!"