भलाई का ज़माना नहीं! होटल में एक नेकदिल महिला की कहानी
कहते हैं, “नेकी कर, दरिया में डाल।” लेकिन आजकल के जमाने में न तो दरिया मौका छोड़ता है, न ही आपकी नेकी सुकून से गुजरने देती है। सोचिए, आपने किसी की मदद के इरादे से कुछ किया और उल्टा सिर पकड़कर बैठना पड़ जाए! ऐसी ही एक दिलचस्प और सच्ची घटना घटी उत्तर अमेरिका के एक होटल में, जहां सर्दी का तूफ़ान सबकुछ थमा सा गया था — लेकिन होटल की रिसेप्शन डेस्क पर हलचल मच गई।