जब सोडा पॉप सैली ने होटल का रंग जमा दिया: ग्राहक सेवा की एक अनोखी कहानी
होटल में काम करना अपने आप में एक अलग ही अनुभव है। हर दिन नए-नए लोग, नए-नए रंग, और कभी-कभी तो ऐसे मेहमान भी मिल जाते हैं जिनकी कहानियाँ सालों तक याद रहती हैं। आज मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ एक ऐसी ही मेहमान की कहानी, जिसका नाम ही काफी है—सोडा पॉप सैली।
सैली और उनका नाचने वाला ग्रुप कुछ हफ्ते पहले हमारे होटल में रुका था। शुरुआत से ही उनका अंदाज़ कुछ अलग था—शोर-शराबा, बेतरतीबी और शिकायतों की झड़ी। पर जो बात सोडा पॉप सैली को सबसे अलग बनाती है, वो उनका "सोडा के लिए संग्राम" था।