होटल की रात: 2:30 बजे हंगामा, मारपीट और रिसेप्शनिस्ट की मुश्किलें!
अगर आप सोचते हैं कि होटल की रिसेप्शन डेस्क पर रात में शांति से सिर्फ चाय-कॉफी पी जाती है, तो जनाब, आपको हमारी आज की कहानी ज़रूर पढ़नी चाहिए! एक थके-हारे रिसेप्शनिस्ट की वो रात, जब शांति की उम्मीद थी और किस्मत ने 'धमाल' का टिकट थमा दिया। सोचिए, लंबी चेक-इन लाइन के बाद जैसे-तैसे रुककर, कुर्सी पर पीठ टिकाई, तभी अचानक फोन की घंटी बजती है — और सामने है एक गुस्से से लाल ग्राहक, जो शोर-शराबे की शिकायत कर रहा है।