होटल रिसेप्शन की कुर्सी पर बैठा ‘नवसिखिया’: मेहमान का गुस्सा, मेरी घबराहट और सीख
अगर आप सोचते हैं कि होटल रिसेप्शन की नौकरी बस मुस्कुराने और चाबी देने भर की बात है, तो जनाब, ज़रा रुकिए! यहाँ हर दिन कोई न कोई नाटक चलता है—कभी कोई मेहमान अपनी चाय में चीनी कम होने पर नाराज़, तो कभी किसी को रूम साफ़ न होने पर क्रोध। लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब कोई गुस्सैल अतिथि सामने आ जाए और आप नए-नवेले हों!