ऑफिस के नियमों का ऐसा चक्कर – जब चुपचाप बैठना ही सबसे बड़ा विद्रोह बन गया!
ऑफिस की कहानियों में अक्सर बॉस की डांट, मीटिंग्स की बोरियत और चाय की चर्चा होती है। लेकिन सोचिए, अगर आपके ऑफिस में ऐसा नियम हो जाए कि फाइल का नाम रखना भी किसी सरकारी प्रक्रिया जैसा जटिल हो जाए, तो? जी हां, आज हम आपको सुनाएंगे एक ऐसी ही कहानी, जिसमें नियमों की उलझन और समय के साथ बदलती नीतियों का स्वाद भी मिलेगा। और सबसे मजेदार बात – कभी-कभी चुपचाप बैठना ही सबसे बड़ा बदलाव ले आता है!