होटल की मेहमाननवाज़ी: जब ‘फेदर-फ्री’ कमरे ने सबका दिल जीत लिया
कभी-कभी ज़िंदगी में छोटी-छोटी खुशियाँ ही दिल को छू जाती हैं। आमतौर पर हम होटलों की कहानियाँ सुनते हैं तो शिकायतें, ग़लतफहमियाँ या अजीबोगरीब घटनाएँ ही सुनने को मिलती हैं। लेकिन आज जो किस्सा आपके सामने है, वो एकदम ताज़ा हवा के झोंके जैसा है—एक खुशगवार अनुभव जिसमें इंसानियत और मेहमाननवाज़ी की असली तस्वीर दिखती है।